जब आप अपनी individuality के लिए खड़े होगे; आपका सामना सबसे पहले खुद की मान्यताओं से होगा, फिर आप सामाजिक रीति-रिवाजों पर सवाल उठाओगे, फिर आप राजनैतिक मुद्दों पर भी पड़ना शुरू करोगे, जिसके बाद एक पल के लिए आपकी धार्मिक आस्था डगमगाने लगेगी, कुछ पल के लिए पूरा समाज आपको शत्रु लगेगा, जीवन का रस खोने लगेगा, आप मुक्ति की तलाश करने लगोगे।
इस मार्ग पर चलना इतना आसान नहीं है। जीवन से मुक्ति के स्थान पर जीवन की बंधनों को चुनना आसान नहीं है। अपने शुत्रुओ को साथ लेकर चलना, विरोधियों के हित की सोंचना, आलोचनाओं को स्वीकार कर पाना आसान नहीं है। आपकी धार्मिकता, सामाजिकता, सांप्रदायिकता छूटने लगेगी। इसपर अगर आप गलती से नैतिकता को चुन लिए तो फिर आप अंधविश्वासी नहीं रह पाओगे।-AnAlone Krishna
22nd March, 2024 A.D.
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