As teacher, मैं students को राजनीति कभी नहीं पढ़ाऊँगा कि जिससे वो किसी भी प्रबंधन को झुकने पे मजबूर कर दे; मैं उन्हें नैतिकता कभी नहीं पढ़ाऊँगा जिससे वो समाज की संस्कृति की आड़ में छुपे कुरीतियों का विरोध करे; मैं उन्हें सामाजिक कर्तव्य कभी नहीं समझाऊँगा जिससे वो अपने अभिभावकों की महत्वाकांछाओ को पूरा करने से मना करें।
क्या मैं वह नहीं करना चाह रहा हूँ जो बाकी सभी teachers कर रहे हैं- विद्यार्थियों को आधा-अधूरा ज्ञान देने का कार्य..?मुझे suggest करें कि एक शिक्षक के रूप में मुझे कैसा बनना चाहिए..।
-AnAlone Krishna
23rd March, 2023 A.D.
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