#materialism #vs #romanticism #or #realism
वो अपने काम से घर लौट रहे थें। रास्ते में बाज़ार पड़ती थी। जहाँ किसी खास वजह के कारण मेला लगा था। उन्हें मन किया कि घूम आऊँ। वह अपना bike parking में खड़ा करके उसे घूमने लगे। वहाँ उन्हें एक सजा हुआ दुकान दिखा। जहाँ बहुत सारे खूबसूरत खिलौने रखे हुए थे। उसके बीच एक सुंदर से teddy bear रखा हुआ था। उन्हे मन हुआ कि उसे वह अपनी बच्ची के लिए खरीद लें। इसलिए वो दुकानदार से मोल-मोलाई करने लगें।
इसी तरह वह कहीं से गुजर रहे थें। रास्ते में कुछ दोस्तों से मिलने के लिए रुके और अपने दोस्तों के साथ वहाँ के लोगों से बातें करने लगे। वहाँ किसी आदमी पसंद आया। उनके मन में ख्याल आया कि वह उनकी बेटी को बहुत पसंद आएगा। जिस कारण वह उससे अपनी बेटी की शादी के लिए बातचीत करने लगें।
Materialism/भौतिकवाद इस व्यापक रूप से समाज में फैल चुका है कि एक इंसान दूसरे इंसान को इंसान की तरह नहीं बल्कि किसी वस्तु की तरह अहमियत देता है। उससे बड़ी समस्या यह है कि अपनी अज्ञानता के कारण वह यह बात कभी समझ भी नहीं पाता है।
-AnAlone Krishna
29th August, 2022 A.D.
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