Day 30 | Diary of AnAlone Krishna

Wednesday, July 21, 2021 0 Comments

 __________Day 30__________


मेरा एक दोस्त हुआ करता था 12th के time. मतलब अभी भी है। नाम है उसका दीपक। वह खैनी, बीड़ी, भांग, हड़िया, etc सबका नशा किया करता था। उस time उसकी gf भी थी। मेरे friend list में वो नहीं मिलेगा, वह दूसरे नाम से id रखता है। वही Angel ___ type.
12th के बाद जब उसमें समझदारी आई तो वह अपनी इन बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश किया और अब सब छोड़ चुका है। जब उसमें समझ आई और बस छोड़ने की कोशिश कर रहा था, तब उसने मुझे कहा था-
"यार, चाहे कोई भी बुराई हो, लोग बस किसी को वह करने के लिए उकसा सकते हैं, उसे manipulate/भटकाने की कोशिश कर सकते हैं, दिमाग भ्रष्ट करने की कोशिश कर सकते हैं। कोई किसी को जबरदस्ती करवा नहीं देता। वह खुद चुनता है वह करना। क्योंकि उसका मन खुद वह सब करना चाहता है।"
साथ ही उसने यह भी कहा था कि- "इस जिंदगी को जीने के लिए सामाजिक ज्ञान, experience, और सही समझ की जरूरत होती है। सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं होता।"
कमाल की बात यह है कि वह लड़का जो सिर्फ आवारगी करता था, जिसका पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था, वह मुझे हमेशा सही सलाह दिया करता था, और है। जबकि जो पढ़ाई में बहुत अच्छे हुआ करते थे, उनके अच्छे marks आते थे, teachers जिनकी हमेशा तारीफ किया करते थे, वो हमेशा मुझे गलत-सलत सलाह देते थे। जो कि मुझे खुद कभी सही नहीं लगा और मैंने उनकी बात नहीं मानी।

Life को basically 4 parts में divide करके देखो:- personal life, social life, professional life(career), spritual life.
हमारी education, achievements या किताबी ज्ञान हमारे career का भी एक छोटा सा ही हिस्सा है।

हमारे course का syllabus बस एक structure है कि हमें उस उम्र और class तक किन-किन चीजों की knowledge कम से कम हो जानी चाहिए। जबकि teachers उनमें से भी वही चीजें बताते हैं जिन्हें बताने में वो comfort महसूस करते हैं। मतलब हमारे age and class के हिसाब से कभी हमें complete knowledge नहीं मिलता। हमें बस 40-60% knowledge ही पढ़ने/जानने को मिलता है। Rest को achieve करने के लिए हमें खुद से मेहनत करनी चाहिए।


-AnAlone Krishna
21st July, 2021 A.D.

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