Day 14 | Diary of AnAlone Krishna

Wednesday, June 03, 2020 0 Comments

 __________Day 14__________


A conversation between two(male+female) friends.

On reply of quotation on a photo.

Male : जब वही बेटी सास बन जाएगी तब ? वह अपनी बहू की भावना को समझेगी ?
Female : N qki tb tk usky mn m gussa bhr chuka hota h. Or ekalg bhavna paida ho jati h ki mere sath hua to hm v krengy.
M : Ek aurat agar aurat ka dard nahi samjhegi to aur kaun samjhega ?
F : Same. Ekdm shi boly. Fr sas ye Q hmesa bhool jati h ki wo v kv bhu thi. To apni bhu ke sath aisa Q.
M : मुझे लगता है कि इसमें गलती बहुओं की ही होती है। जितनो को मैन देखा है।
F : Ok
M : मेरी दादियाँ कहतीं है कि उनकी सास उन्हें गुलामो की तरह खटवाती थीं। खाना नही देती थी। बहुत काम करवाती थी। और हमेशा उनपर हुकुम चालती थी। पर वो कभी उनका disrespect नहीं की।
F : H

M : मुझे याद है कि बचपन मे मैं school ना जाने के लिए जिद्द कर रहा था तो माँ मुझे गुस्से में आकर बहुत मारी, फिर पापा मम्मी को मारने आये गुस्से में तो दादी बीच मे आ गई और बोली कि, "आज तक तुम मेरा अपना बेटा है और कभी हाँथ नही उठाये, तुम किसी और के जमाये छौआ(mammy के बारे में) के ऊपर हाँथ कैसे उठा सकता है?"
गाँव ki सभी दादियों को देखता हूँ कि वो अपनी बहुओ से बदला नही ली। बल्कि जैसे जैसे उनकी बहु सब आतीं गई उन्हें हमारे समाज मे ढलने और बचाने की कोशिश करती रहीं है। वो भले अपनी बहू की लाख बुराई करे, मगर उनके दिल मे मैन कोई कटुता feel नही किया।
बल्कि बहु सब खुद को बहुत काबिल और अपनी हरकतों से जिस तरह दादी सब को disappoint करती आई है, उसका बस भड़ास था दादी सब के मन में। मगर नफरत कभी नही।
अगर बहु सब दादियों को भी समझने की कोशिश करती ना, तो relation बहुत ही अच्छा हो सकता है।
तुम्हीं सोचो, शादी के शरुआती दिनों में सबकुछ कितना खूबसूरत और अच्छा होता है घर मे सभी का नई दुल्हन के साथ relation और behaviour को लेकर। कोई first day से ही तो उसे torture करना शुरू नहीं करता। फिर ऐसा क्या होता है जो सभी उसे नापसन्द करने लगते हैं ? कहीं ना कहीं बहु ही न अपने नई family को समझने और उन्हें अपनाने में असक्षम होतीं है जिसके कारण वह सभी को निराश करती है...

F : Ye tum apny njariye se sochty ho. Phly m v yhi sochti thi. But ab lgta h ki khi n khi m glt thi. Hmse v meri mother in law first day bhut achy se baat ki or ab lgta h ki wo mere upr hukum chala rhi h.
M : 😊
F : Suruati dino m lga ki sb log bhut achy h fr dheere dheere lg rha h ki sb log apna apna ruab dikhaty h. Sb log attitude.

M : कई चीजो में बड़ो को लगता है कि बच्चे उन्हें नही समझ सकते इसलिए समझाने की बेकार कोशिश मत करो, बस आदेश देखर वो करवाओ। वो बच्चो को बच्चे और नासमझ समझते हैं ना। इसलिए...
तुम्हें उन्हें यह अहसास दिलाना होगा कि तुम नासमझ नहीं हो और तुम समझोगी, अगर वो samjhaaengi. और यह काम प्यार से करवाओ। जो दिल मे है सीधा बोल दो कि, "आप मुझपर हुकुम चलाती हो, मुझे अच्छा नही लगता। आप मुझे समझा सकती हो, मैं छोटी बच्ची नहीं। जितना आप आँक रही हो।" लेकिन प्यार से बोलना। बिल्कुल अपनापन का अहसास दिलाते हुए। try करके देखो। दिल जीतने की कोशिश करके देखो।
F : Kr hi rhy h yr. Hm to hmesa unse pyar se hi baat krty h. But kv kv unki baato se lgta h ki sas ka ruab h. Phly n lgta tha. But ab lgta h.
M : ये काम बस बड़े और aged लोगो के साथ करना। बच्चे- ननद, देवर, यहाँ तक कि husband को भी उतना अकल नही होगा। वो literature का student थोड़ी होंगे।
F : 😝😝😝
M : देखो उनको सास का रोब है उससे कोई दिक्कत की बात नहीं है। उन्हें तुम्हारी सास होने का रोब होना चाहिए। इसलिए बाकी बहुओ से तुम्हें अच्छी बहु बनाना होगा। बाकी सबको अपना proud express करने का अलग अलग अंदाज होता है।
F : May be. Av to kuch kh n skty. Jayengy to pta chlega
M : अपने घर की याद कर लो। जब तुम award लेकर घर गई होगी तो माँ का, भाई का, बहन का, तुम्हारे पापा का, सबका तुम्हारे ऊपर proud express करने का नदाज़ अलग होगा।
उसी तरह ससुराल में भी सबका अंदाज अलग होता है। बस कुछ समय लगेगा सबको समझने का। और कुछ भी नही।

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ये private conversation इस लिए publicly published किया गया है ताकि कोई इस chat को पढ़कर शायद अपने रिश्तों को अलग नजरिये से देखे और शायद उसे अपने रिश्तों को ठीक करने में कोई मदद मिल पाए।

-AnAlone Krishna.
3rd June, 2020 A.D.

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