मुझसे एक सवाल -
"Poet हो, poetry करते हो। हमेशा सबकी खूबसूरती की तारीफ भी करते हो। फिर अभी तक single alone क्यूँ हो ? किसी को 'I Love You' क्यूँ नहीं कहते ?"
मेरा जवाब -
"यार मुझे किसी के दिल के साथ मज़ाक करना बिल्कुल भी पसंद नहीं। मेरे लिए 'I love you' में 'you' का मतलब 'all of you' होता है, not 'only you'. हाँ, मुझे प्यार है। But not with any particular person. बल्कि हर उस इंसान/जीव/चीज से जिसमें मैं खुद के लिए कोई feelings महसूस करता हूँ। हर उस इंसान से जो मुझसे प्यार करते हैं। चाहे वो मेरे parents हो, family हो, friends हो, relatives हो, या जिन्होंने मुझे पाला, care किया, guide किया, जिन्होंने कभी साथ दिया या जिन्होंने मुझे कभी सहारा दिया। मैं जो कुछ भी हूँ, जहाँ हूँ, जैसे हूँ, जिसके साथ हूँ, उन सभी के बदौलत हूँ। फिर मैं सिर्फ किसी एक का ही बस होकर कैसे रहूँ ? मेरे सीने में जो मेरा दिल धड़क रहा है, उसमें मैं इतना प्यार महसूस करता हूँ कि सिर्फ किसी एक को देकर, सिर्फ उसमें ही सिमट कर मैं कभी संतुष्ट हो ही नहीं पाऊँगा। मुझे सिर्फ किसी एक के बाँहो में रहकर कभी सुकून मिलेगा ही नहीं। तो फिर मैं किसी का हाँथ थामने के लिए अपना हाँथ आगे कैसे बढाऊँ ?"
Loneliness of my life is not curse of my fate. It is chosen by myself for live, give freedom and experience to life.
-AnAlone Krishna.
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