जब कोई कहता है कि "अपना अपना होता है और पराया पराया।" तब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मगर जब मेरे दिल में जगह पाने की ख्वाहिश रखने वाले लोग मुझे अपने हिसाब से ढालना चाहते हैं, वो मुझे समझते नहीं.., तब महसूस होता है कि । am AnAlone Krishna.
Tuesday, January 07, 2020
0 Comments
Author's hope-
"अगर मेरी यह रचना सच में आपके दिल को भायी है तो मैं यह उम्मीद करूँगा/करूँगी कि आप WhatsApp, Facebook, Instagram, etc. social media में अपने दोस्तों तथा संबंधियों के बीच मेरे इस कार्य पर अपना precious comment (review, response, critique, experience,...) के साथ इसे जरूर share करेंगे।
धन्यवाद..! 🙏"
Also read these... 👇
Tags:
Diary
Comments
Post a Comment