इन्होंने उस जमाने में स्वाधीनता आंदोलन करते हुए अपनी diary लिखी। जिसमें एक एक चीज पूरे सलीके से बताया। जिसके जरिये हम आज उन घटनाओं को अच्छे से जान पाए और हर एक चीज को अच्छे से समझ पाए। लेकिन हम आज इनसे भी इतने व्यस्त लोग है कि हम ख़ुद के लिए भी वक़्त नही निकाल पाते। कमाल की बात यह है कि उनके पास दूसरों को भी पढ़ने के लिए वक़्त होता था उनके लेखनी के द्वारा। मगर हमारे पास खुद को भी समझने के लिए वक़्त नही है। कमाल है, इस आधुनिक युग में लोग खुद को खुद में ही समेंट कर ऐसे रखते है जैसे कि ख़ुद को बंद कमरे में कैद कर लिए हो। पता नहीं किस बात में घुटते रहते हैं जिससे खुद को निकाल नहीं सकते।
Thursday, January 16, 2020
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