जो मैं हूँ, और कोई नहीं है।
जैसा मैं हूँ, और कोई नहीं।जो मैं कर सकता हूँ, और कोई नही कर सकता।
जैसा मैं सोचता हूँ, वैसा और कोई नहीं।
जो मुझे महसूस होता है, और किसी को नही होता।
जिस जगह पे मैं हूँ, वहां कोई और नहीं।
कई बार ढूंढना चाहा किसी को ताकि उसे experience दे सकूँ ताकि वह मेरे experience के साथ मुझसे दस गुणा बेहतर कर सके।
लेकिन, जो छमता मेरे अंदर है, वह और किसी और अंदर नहीं।
मेरी जितनी छमता है, उतनी किसी की नहीं।
जितना मैं समझ सकता हूँ, उतना और कोई नहीं।
जैसे मैं समझ सकता हूँ, वैसे और कोई नहीं।
That's why, जब मुझे ऐसा कोई और न मिल जाये, I will feel alone. Till alone.
-AnAlone Krishna.

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