Day 84: मैं कैसे जानूँगा कि कौन मेरे लिए सही partner है ? | Diary of AnAlone Krishna

Wednesday, October 22, 2025 0 Comments

 __________Day 84__________

मैं कैसे जानूँगा कि कौन मेरे लिए सही partner है ?

दिवाली के दिन मेरा अपने college के दो दोस्तों से बात हुआ- विवेक आनंद और बिनोद मुर्मू से। विवेक पूछा कि "किसी से एक बार मिलकर यह कैसे पता लगाओगे कि वो तुम्हारे life partner बनने के लिए सही है या नहीं ?" और बिनोद बोला कि वो हैरान होता है यह देखकर कि मैं कैसे लौंडियाबाजी से बच गया।


देखो, मुझे पता है कि मुझसे यह सवाल अब बार-बार पूछे जाएंगे। क्योंकि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि वो अपने लिए सही partner का चुनाव कैसे किया जाता है।

जो भी मेरा partner बनने में interest दिखाएगी, उससे मेरा सवाल होगा-
-तुम ___ साल की हो। तुम्हारे मम्मी-पापा पढ़ा लिखाकर काबिल बनाए है। तो बताओ कि अपने इस उम्र में तुम अपने माता-पिता, भाई, इत्यादि के support के बिना, उनके पैसों के बिना, अगर तुम्हारे परिवार, रिश्तों, समाज से मिले हर support को हटा दिया जाए, तुम क्या हो ? तुम, सिर्फ तुम अपने दम पर क्या हो ?

मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूँ क्योंकि; मेरे घर में मेरे मम्मी-पापा के अलावा मेरे paralyzed चाचा और बूढ़ी दादी है। जिन सभी का समय के साथ उम्र ढल रहा है, और जिनकी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर बोझ बनेगी। तो मुझे यह समझना है कि जो मेरे life में आएगी वो मेरा support बनेगी या मेरा एक और बोझ बनेगी ? या फिर बदकिस्मती से अगर मुझे कुछ होता है, तो तुम मेरे बाद मेरी family का ख्याल रखोगी या मेरी चाची की तरह तुम भी अपनी खुशियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से भागोगी ?

क्योंकि जो लोग अभी तुम्हारे हितैषी बन रहे हैं, वैसे ही मेरी चाची के अपनो को यह डर था कि मेरे paralyzed uncle के साथ होने से उन्हें मेरी चाची को हमेशा support करना होगा, इसलिए वो अपने जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए मेरी चाची का कहीं और शादी करवाकर।

मेरे साथ होने और मेरे family को मेरे बाद भी संभालने के लिए उसमें वो बात होना चाहिए कि अगर उसे किसी का भी support ना मिले तो भी वो मेरे और मेरे family के साथ रह सके। और यह सिर्फ वही कर सकती है जो अपने दम पर stand लेने, दुनियाभर के struggle से लड़ने में सक्षम हो, यानि कि self independent हो।

जो नहीं होगी, वो मुझे over-expectation करने वाला बोल कर मुझे छोड़ देगी; ठीक वैसे ही जैसे मैं अपने college time से कईयों से सुनते आया हूँ। या फिर हो सकता है कि किसी को लगे कि मैं बस overthink करता हूँ, यह सोचकर वो मेरे इस बात को ignore करे। तो उसे समय/मौका देना होगा मेरी जिंदगी के dense को समझने के लिए। Chat करना होगा, date करना होगा,...। मैं किस्मत के भरोसे अपनी जिंदगी नहीं छोड़ सकता हूँ, क्योंकि मेरी किस्मत उतनी भी अच्छी नहीं है।

-AnAlone Krishna
22nd October, 2025 A.D.

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