"Judaai"

Thursday, September 19, 2024 0 Comments

 After re-watching this movie,



At the end दो लोगों ने अपनी गलती को accept किया- जिसने अपने पति को बेचा, और जिसने किसी के पति को खरीदा। पर यहां कोई और भी थे जिन्हे ना ही अपनी गलती का अहसास हुआ, ना वो अपनी गलती accept किए, और शायद audience का उसपर ध्यान भी ना जाए। वो था एक का पिता, जो अपनी बेटी को गलती करने से रोका नहीं, बल्की पैसे के लिए अपनी बेटी के अंधेपन को प्रोत्साहन दिया; और वह अभिभावक जो अपनी भतीजी को किसी के घर की खुशी छीनने में साथ दिया, उसे समझाया नहीं। जब उन दोनों औरतों को अपनी गलती समझ आती है, तो उनके हित की बात करने वाले उनके पिता और चाचा पीछे हट जाते हैं।
सीखने वाली बात यह भी है कि "Parents are not always correct, and enemies are not always wrong. हमारी खुद की समझदारी होनी चाहिए।"

-AnAlone Krishna
19th September, 2024 A.D.

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