__________Day 45__________
● My fear of loosing my different types of friends.हमें विद्या भारती संस्था के अंतर्गत संचालित होने वाले हमारे school में बचपन से हर जाति, धर्म, सम्प्रदाय, समुदाय, रंग, रूप, उम्र, आदि के लोगों का सम्मान तथा कद्र करने की शिक्षा दी गई। मैंने अपनी family से भी मुझे कभी भी अपना-पराया का भेदभाव करना नहीं सीखा, बल्कि जो भी हमसे अच्छे से व्यवहार रखते हैं उनसे अच्छे से व्यवहार करना, और जो ना करे उनसे भी शत्रुता ना रखना मैंने सीखा है। इसलिए बिना किसी भेदभाव के जिन्होंने भी मुझसे दोस्ती करनी चाही उनसे मैंने दोस्ती कर ली। पर जब कोई मेरे सामने ये सवाल पूछते थे तो मुझे उनके moral intention and values में contrast feel होता रहा है:-
• छोटो(कम height) वालों और कमजोरों से दोस्ती क्यूँ किए हो, ये झगड़ो में साथ देंगे ?
• छोटो(कम wealthy), lower cast(जिन्हें समाज में inferior समझा जाता है) के लड़कों से दोस्ती क्यूँ किये हो, ये जरूरत के समय तुम्हारा साथ देंगे ?
• बड़े(जिन्हें समाज में superior समझा जाता है, upper cast, more wealthy), मतलबी लोगों से दोस्ती क्यूँ किये हो, ये कभी तुम्हारी कद्र करेंगे ?
• उस religion के लोगों से दोस्ती क्यूँ किये हो, ये तुम्हारे धर्म की कद्र नहीं करते हैं क्या ?
• उस जाती वालों के साथ क्यूँ रहते हो, वो तुम्हारे जाती के लोगों का सम्मान करते हैं क्या ?
• वैसे लोगों से दोस्ती क्यूँ रखे हो जो अपने धर्म या जाति के नहीं हैं ?
• लड़कियों से दोस्ती क्यूँ किये हो, तुम्हें जब उनकी जरूरत पड़ेगी तब वो आयेंगी क्या ?
Bla, bla, bla...
मैं हर किसी को यह explain नहीं कर सकता हूँ। पर मैंने friendship करते वक़्त कभी भी रंग, रूप, जाती, धर्म, gender नहीं देखा है, और मेरे इन सभी को belong करने वाले different friends है। अब अगर मैं कभी अंजाने में ही सही मगर अगर मैं उनकी या उनके religion, cast, colour, height, wealth, etc की disrespect करूँगा तो क्या वो hurt नहीं होंगे, और मुझसे दोस्ती नहीं तोड़ेंगे ?
जब मैं उनके साथ होता हूँ तो मुझे हमेशा यह डर होता है कि मुझसे कब कोई गलती हो जाएगी और वो मुझे छोड़ देंगे। क्योंकि मेरे बड़े-बुजुर्गों ने यह बात समझाई है कि अगर किसी की कामयाबी देखनी है तो उससे जलने वालों को देखो और अगर उसका चरित्र समझना हो तो उसके दोस्तों को देखो। मेरे friends मेरा character define करते हैं। इसलिए उनका मुझे छोड़ने का मतलब है मेरे character में दाग लगना। और इसलिए मैंने जब से इस बात को समझा है, अपने character को हमेशा improve and अच्छा बनाने की कोशिश की है और करता रहता हूँ, और करता रहूँगा।
I hope कि जो इस बात को नहीं समझते हैं कि लोगों की individuality को हमें कद्र करनी चाहिए; उसके cast, relegion, colour, shape, community, thoughts, etc. की; वो किसी रोज किसी वक़्त किसी कारण से अपने किसी करीबी को ना खो दें।
मैं तो डरता हूँ अपने दोस्तों को खोने से। इसलिए खुद को बेहतर इंसान बनाने की कोशिश करता रहता हूँ। उम्मीद करता हूँ कि जो लोग हमेशा best friend forever का tag के साथ other cast/relegion/community/etc के friends का status लगाते रहते हैं, वो भी उनकी कद्र करते होंगे।
-AnAlone Krishna.
12th June, 2022 A.D.
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