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Kissa 01 | Diary of AnAlone Krishna

Thursday, February 10, 2022 0 Comments

 Kissa 01:-

आज अभी hostle में बैठ कर मैं खाना खा रहा था। मेरे सामने line तोड़ने और हल्ला करने वाले बच्चे मुर्गा बने हुए थे। मुझे शरारत सूझी तो मैंने उनसे कहा कि- "ऐसे ही रहो, तुम मुर्गा-मुर्गियों के लिए मैं दाना मँगवा रहा हूँ।"
एक UKG का बच्चा जो थाली धोकर वापस आ रहा था, वह मेरे पास आकर बोला, "Sir, मुर्गा बनू, मुर्गी, या चूजा ?"
मैं हैरान हो गया। मुर्गा वाले punishment में भी verity होती है ! मुझे तो पता ही नहीं था। मैंने उससे पूछा- "तुम्हें क्या बनने का मन है ?"
तो वह बोला, "चूजा ।"
🤦🏻‍♂️
आज ही का और एक किस्सा है-
पिछले दिन मैंने देखा कि Nursary और LKG के कुछ new बच्चों को countings नहीं आती इसलिए जब मैं उन्हें कान पकड़ कर उठक-बैठक करने को 20 times बोलता हूँ तो वो 20 से ज्यादा 30-40 कर देतें हैं फिर भी करते ही रहते हैं। इसलिए मैंने एक trick निकाला कि A से Z तक कान पकड़ कर उठक बैठक करो। आज जब मैं उनके class में गया तो, बहुत सारे बच्चें "May I go to toilet ?" का जिद्द करने लगे। पर मुझे उनसे Sunday-Monday का homework सुनना था। तो मैंने उनसे कहा कि "जो Sunday से लेकर Saturday तक उठक बैठक करेगा, वो ही जायेगा।" पहले तो तीन आगे आये और 'SUNDAY MONDAY TUESDAY WEDNESDAY THURSDAY FRIDAY SATURDAY' तक उठक बैठक किये। तो मैंने उन्हें जाने दिया। उनको देखकर फिर आधा class दौड़ कर आगे आ गया कि "Sir हमको भी जाना है। हम भी करेंगे।" और सब आगे जाकर कान पकड़ कर अपने मन से खड़ा होकर भीड़ लगा दिया।
बाताओं... इन बच्चों को punishment खाने का शौक चढ़ गया है।
अब क्योंकि मैं एक ही साथ सभी को नहीं भेज सकता था तो मैं उनमें से जो रोकने लायक लगे उन्हें वापस पकड़ कर उनके bench में बिठा दिया। तो वो मुझसे मुँह फुलाकर रूठ गए।
नहीं, मतलब बाताओं... इन बच्चों को मैं और कैसे सुधारूँ ?

10th February, 2021 A.D.

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