HomeDiary

Sunday, August 23, 2020 0 Comments

 हमें लगता है कि हम औरों को जानते हैं और फिर उनसे उम्मीदें जोड़ लेते हैं। लेकिन जब वो हमारी उम्मीदों को तोड़ते हैं, हमें अहसास होता है कि नहीं, हम उन्हें नहीं जानते। मगर हम यह accept नहीं कर पाते। हम खुद के गलत होने को accept नहीं कर पाते। जिसके चलते हम अपना गुस्सा दूसरों पर निकलते है। लेकिन अगर देखा जाए, तो हमें खुद के अंदर यह काबिलियत develop करनी चाहिए अपनी खामियों को accept करने की।

Comments

Tags:
Loading Post Series...

Navigation 💡 [Select Categories from Edit]