_बहन के लिए इँतजार_
कभी खुद को, कभी राहो को,
देखता हूँ मैं, और सोचता हूँ उदास क्यू हैं।
काम में मन ना लगे तब, सोचता हूँ
तू यहाँ हैं और कहीं और तेरा ध्यान क्यू हैं।
सभी के हाथो को देखकर सोचता हूँ,
खाली तेरा हाथ क्यू हैं।
फिर बहना ने आकर राखी बाँधी,
पर लोगो ने कहा अपनी बहन की बात ही कुछ और हैं,
मैं फिर सोचता हूँ, लोग कहते ऐसे बात क्यू हैं।
-AnAlone Krishna.
17/08/2016
You don't know how your sentences pull others to lonliness.
मैं फिर सोचता हूँ, लोग कहते ऐसे बात क्यू हैं।
-AnAlone Krishna.
17/08/2016
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