__________Day 72__________
Today I met a person, who doesn't have any kind of guilt for his folly. I feel the completely dark energy.
मैं ऐसा नहीं हूं। अगर मुझे किसी से बात करके बस उसे अंदर ही अंदर गाली देने का दिल किया। तो बेशक उसके evil energy मुझतक flow हो रही थी।
क्योंकि जब कोई मुझसे बद्तमीजी से बात करता है, लड़ता है, तो भी मै उसकी नादानी, नासमझी, और अल्प जान के लिए माफ कर देता हूं। पर इसने तो मेरे साथ कुछ किया भी नहीं था, फिर भी मेरे अन्दर ऐसे भाव जगे।
मैं हैरान हूं।
According to the Bible, seven deadly sins. And भागवत के अनुसार - काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार, ईर्ष्या/घृणा, भय। उसकी energy इससे कहीं ज्यादा dark थी। जिसमें से मेरे अंदर वह घृणा का भाव जगा रही थी। जैसे कि वह पाप से प्रभावित ना हो बल्कि चलता फिरता खुद पाप का प्रतिरूप हो, और जो दूसरों को प्रभावित कर रहा हो।
मेरे अन्दर एक बुराई है कि मैं लोगों की कमियों/बुराइयों को बहुत जल्दी देख लेता हूं। शायद इसलिए मैं उसके अंदर की आत्मा को पहचान गया और मैं नहीं चाहूंगा कि उसके जैसे लोग मेरे जिंदगी का हिस्सा हो। पर अब यह decide करना है कि क्या मुझे selfish होकर बस खुद को बचाकर खुश रहना है या ऐसे लोगों से मुझे दूसरों को भी बचाने की कोशिश करनी चाहिए...। मगर कैसे ?
-AnAlone Krishna
17th January, 2024 A.D.
Today I met a person, who doesn't have any kind of guilt for his folly. I feel the completely dark energy.
मैं ऐसा नहीं हूं। अगर मुझे किसी से बात करके बस उसे अंदर ही अंदर गाली देने का दिल किया। तो बेशक उसके evil energy मुझतक flow हो रही थी।
क्योंकि जब कोई मुझसे बद्तमीजी से बात करता है, लड़ता है, तो भी मै उसकी नादानी, नासमझी, और अल्प जान के लिए माफ कर देता हूं। पर इसने तो मेरे साथ कुछ किया भी नहीं था, फिर भी मेरे अन्दर ऐसे भाव जगे।
मैं हैरान हूं।
According to the Bible, seven deadly sins. And भागवत के अनुसार - काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार, ईर्ष्या/घृणा, भय। उसकी energy इससे कहीं ज्यादा dark थी। जिसमें से मेरे अंदर वह घृणा का भाव जगा रही थी। जैसे कि वह पाप से प्रभावित ना हो बल्कि चलता फिरता खुद पाप का प्रतिरूप हो, और जो दूसरों को प्रभावित कर रहा हो।
मेरे अन्दर एक बुराई है कि मैं लोगों की कमियों/बुराइयों को बहुत जल्दी देख लेता हूं। शायद इसलिए मैं उसके अंदर की आत्मा को पहचान गया और मैं नहीं चाहूंगा कि उसके जैसे लोग मेरे जिंदगी का हिस्सा हो। पर अब यह decide करना है कि क्या मुझे selfish होकर बस खुद को बचाकर खुश रहना है या ऐसे लोगों से मुझे दूसरों को भी बचाने की कोशिश करनी चाहिए...। मगर कैसे ?
-AnAlone Krishna
17th January, 2024 A.D.
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